समाधान दिवस में पहुंचीं 81 शिकायतें, डीएम ने मौके पर जांच और फीडबैक पर दिया जोर
डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
प्रखरवाणी (फर्रुखाबाद)
जनसमस्याओं के समाधान को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की सक्रियता शनिवार को तहसील समाधान दिवस में भी दिखाई दी। ऑफिसर क्लब फतेहगढ़ में डीएम और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में अधिकारियों के सामने 81 शिकायतें पहुंचीं। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत के अनुसार अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखें और शिकायतकर्ता को राहत दिलाना सुनिश्चित करें। राजस्व, पुलिस, विद्युत, विकास और चिकित्सा समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों में दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
सदर तहसील के समाधान दिवस में सबसे अधिक 40 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा पुलिस की 15, विद्युत की सात, विकास की दो, चिकित्सा की दो तथा अन्य विभागों की 15 शिकायतें आईं। शिकायतों की संख्या को देखते हुए डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। राजस्व मामलों में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर जांच करें तथा निस्तारण की रिपोर्ट में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो। उन्होंने यह भी कहा कि किसी फरियादी को एक ही समस्या के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति न बने।
डीएम ने जनशिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि समाधान दिवस का उद्देश्य सिर्फ आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि समस्या का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय से मिले और जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी स्तर पर लापरवाही सामने न आए। इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत ने भी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर कार्रवाई करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने भी पुलिस से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फरियादियों की बात ध्यान से सुनकर प्रकरण की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पुलिस संबंधी शिकायतों में अनावश्यक देरी न हो और पीड़ित को कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। डीएम और एसपी ने अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करते हुए जनसामान्य की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में सीडीओ विनोद कुमार गौड़, सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, एसडीएम सदर संजय कुमार, परियोजना निदेशक कपिल कुमार, तहसीलदार विक्रम सिंह, डीपीआरओ अविनाश चंद्र, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।