तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। उप जिलाधिकारी श्वेता साहू, तहसीलदार शशांक सिंह और क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार द्विवेदी ने फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं। समाधान दिवस में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें चार शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रखरवाणी (फर्रुखाबाद)
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, कब्जे, रास्ते और विद्युत समस्याओं से जुड़ी रहीं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनने के साथ संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मीटर जलने की शिकायत लेकर पहुंचा फरियादी बलीपट्टी निवासी राम प्रकाश पांडेय ने विद्युत मीटर जल जाने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने खराब मीटर को बदलवाकर विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की। शिकायत को संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।सत्यपाल पुत्र मोजीलाल और राजपाल पुत्र मोजीलाल ने अपनी भूमिधरी आराजी पर कब्जा दिलाए जाने की मांग की। दोनों फरियादियों ने भूमि संबंधी समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने राजस्व विभाग को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।रास्ते के अभाव में खेती प्रभावित होने की शिकायत हुसैनपुर हड़ाई निवासी सुधीर पुत्र चंद्रपाल ने बताया कि खेत तक आने-जाने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण खेती प्रभावित हो रही है। रास्ते के अभाव में खेत धीरे-धीरे बंजर होता जा रहा है। उन्होंने खेत तक आने-जाने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। मामले में संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।इसी तरह अनवीर पुत्र राजेश्वर ने अपनी जमीन पर जबरन खड़ंजा बिछाए जाने की शिकायत अधिकारियों के सामने रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
मौके पर जांच कर निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे। आवश्यकता के अनुसार अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर प्रकरण की जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उसे समय से राहत मिल सके, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।अधिकारियों ने सभी विभागों के संबंधित कर्मचारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को एक ही स्थान पर सुनकर उनका त्वरित और प्रभावी समाधान कराना है।