गांधी-शास्त्री के आदर्शों से बच्चों को जोड़ने पर जोर

 गांधी-शास्त्री के आदर्शों से बच्चों को जोड़ने पर जोर

गांधी-शास्त्री के आदर्शों को जीवन में उतारें बच्चे : सीडीओ






बर्ना बुजुर्ग विद्यालय, पहुंचे सीडीओ विनोद कुमार गौड़ और बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह, बच्चों से संवाद कर बताए महापुरुषों के विचार





प्रखरवाणी 

(फर्रुखाबाद)





 गांधी और शास्त्री जयंती पर बुधवार को जिले के परिषदीय विद्यालयों में प्रभात फेरी, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच बच्चों को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया गया। विकासखंड कमालगंज के प्राथमिक विद्यालय बर्ना बुजुर्ग में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों के बीच रहकर कार्यक्रम में सहभागिता की और गांधी-शास्त्री के जीवन से जुड़े प्रसंग साझा किए।

सीडीओ विनोद कुमार गौड़ ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के साथ लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों से कहा कि महापुरुषों को याद करने का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारना चाहिए। स्वच्छता, अनुशासन और जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए भी उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यालयों में ऐसे आयोजन बच्चों को इतिहास और महापुरुषों के जीवन से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी मदद करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार, स्वच्छता, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों से भी बच्चों को इन मूल्यों से लगातार जोड़ने की अपेक्षा की।

जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साह से भाग लिया। प्रभात फेरियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी और शास्त्री के विचारों को बच्चों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

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